जयपुर राजस्थान का खूबसूरत शहर ।
राजस्थान भारत के उत्तर भारत मे एक भौगोलिक संस्कृतिक रूप से सम्पन्न राज्य है , और इसके बारे मे कहा जाता है की भारत मे अपनी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर को सहेजे हुआ है जो भारत मे एक अपनी अलग पहचान रखता है ।
और इसी राज्य की राजधानी है जयपुर जो अपने आप मे पूरे संसर मे अलग पहचान् रखता है ।
चलिये जानते है इस खुदसूरत शहर के बारे मे ----
जयपुर का इतिहासिक महत्व -
जयपुर शहर पर पूर्व मे मीना जाति के शासको का शासन रहा है जिनकी राजधानी जमवारामगढ कस्वां रही है ।
मीणाओ पर यहा के कछवाह वंस ने जीत हसील कर कछबाह वंस के शासन का प्रारम्भ किया ।
उन्होंने अपनी राजधानी आमेर को बनाया , उसके बाद जयपुर शहर को बसाया फिर अपनी राजधानी जयपुर को बनाया ।
उसके बाद स्थाई रूप से जयपुर कछवाह वंस की राजधानी रही है ।।
जयपुर शहर की स्थापना -
जयपुर सहर की स्थापना कछबाह नरेश सवाई जयसिंह द्वारा की गई
जिसका वास्तुकार् बंगाली ब्राह्मण विद्याधर भत्त्याचार्य थे , उन्होंने जयपुर शहर को ग्रिड प्रणाली पर वसाया ( ग्रिड , जिसमे शहर की सड़क 90 डिग्री समकोंन पर काटती हुई सड़क) जो शहर को युनिक बनता है ।
तथा शहर मे एक मजबूत प्रकोटे का निर्माण कराया गया था ।।।
जयपुर शहर की प्रमुख दर्शनीय स्थल
जंतर मंतर -
जयपुर के शासक सवाई जयसिंह द्वारा निर्माण कराया गया जंतर मंतर एक सौर वेदशाला है , जिसमे समय और ग्रह की दिशाओ का ज्ञान होता है इससे सूर्य की स्थिति और चन्द्रमा की गतिओ का पटा लगाया जा सकता है।
यह जयपुर शहर मे हवामहल के पास है
इसमे वुशव की सबसे बड़ी सौर घड़ी है ,
जिसे सम्राट यंत्र के रूप मे भी जाना जाता है ।
हवामहल
हवामहल जयपुर की खूबसूरत पंचमंजिला ईमारत है जिसका निर्माण
प्रातप सिंह द्वारा कराया गया है ।
यहा पर बहुत ज्यादा संख्या मे देशी और विदेशी पर्यटक घूमने आते है ।
जलमहल
जयपुर के उत्तर मे जल महल है जो आकर्षण का केंद्र है ।
जो एक नदी के पानी लो रोककर बनाये गये सुन्दर महल है ।
नाहर गढ़ किला
जयपुर के उत्तर मे नहार गद किला है जो जयपुर की ओर झाकता किला है
वर्तमान मे इसमे नाईट टूरिज्म और लियॉपर्ड सफारी का आनंद उठाया जा सकता है।
इसके साथ मे अन्य बहुत से पर्यटक स्थल है जिनके बारे मे चर्चा अगके ब्लॉग मे करेंगे ।।
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